यूपी में लो प्रेशर का कहर: 22 जिलों में भारी बारिश अलर्ट, बाढ़ की चेतावनी, किसानों को सलाह जारी

यूपी में लो प्रेशर के कारण 22 जिलों में भारी बारिश अलर्ट. बाढ़ की चेतावनी, गंगा-घाघरा उफान पर, किसानों के लिए एडवाइजरी जारी. पढ़ें पूरा अपडेट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) शनिवार (5 सितंबर) तक स्थिर रहने की संभावना है . इसके प्रभाव से प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है . पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को तेज बारिश के आसार हैं, जबकि पूर्वी यूपी में 6 से 8 सितंबर के बीच बारिश का दौर देखने को मिल सकता है . बारिश को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई. हमीरपुर में 75 मिमी, ललितपुर में 72 मिमी और झांसी में 61.7 मिमी बारिश हुई . शाहजहांपुर में 11 सेमी और संत कबीर नगर में 7 सेमी भारी बारिश दर्ज की गई . इसके चलते कई जगहों पर सड़कें और निचले इलाके पानी से भर गए .

कैसा रहेगा पश्चिमी यूपी का मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 5 से 6 सितंबर के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ व्यापक बारिश होने की संभावना है . शनिवार (5 सितंबर) को सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बिजनौर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद और मुरादाबाद में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है . मौसम विभाग ने इन इलाकों में तेज हवा चलने और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है .

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इन जिलों के अलावा, बुंदेलखंड क्षेत्र और उससे सटे जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है. ललितपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है . निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की आशंका है .

ऐसा रहेगा पूर्वी यूपी का मौसम

5 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने की संभावना है . इनमें वाराणसी, मीरजापुर, सुलतानपुर और सोनभद्र जैसे जिले शामिल हैं . पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधि तुलनात्मक रूप से कम होने की उम्मीद है, लेकिन कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है . मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वांचल में अगले कुछ दिन बारिश का दौर जारी रह सकता है .

बाढ़ की स्थिति और नदियों का हाल

भारी बारिश की वजह से उत्तर प्रदेश की नदियां उफान पर हैं. वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है और चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है . काशी में गंगा का खतरे का निशान 71.26 मीटर है . घाघरा नदी बलिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है . मौसम विभाग ने चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, वाराणसी, हमीरपुर, ललितपुर, महोबा और झांसी में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है .

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राज्य में पहले से ही बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 26 जिलों में लगभग 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 4,847 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं. राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में 1,634 बाढ़ चौकियां, 1,697 नावें और मोटरबोट तथा 1,068 मेडिकल टीमें तैनात की हैं. 1,312 बाढ़ शिविर भी स्थापित किए गए हैं .

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किसानों के लिए एडवाइजरी

बारिश और संभावित जलभराव को देखते हुए विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है . विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय खेतों में मिर्च, टमाटर, बैंगन, कद्दू, लौकी और तोरई समेत कई सब्जियों की फसलें खड़ी हैं. बारिश के बाद खेतों में पानी जमा रहने से जड़ और तना गलन की समस्या बढ़ सकती है. किसानों को खेतों से पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है .

अरहर, दाल, तिलहन, हल्दी, अदरक और सब्जियों की फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने का उचित प्रबंध करें . जब तक खेतों में मिट्टी की स्थिति सामान्य और ठीक न हो जाए, तब तक बुवाई, खाद डालने और पौधों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों को टाल दें . बेल वाली फसलों को किसान मचान पर चढ़ा दें, जिससे पौधों में हवा का आवागमन बना रहे और फसल को नुकसान कम हो. बारिश के बाद खेतों में खरपतवार भी तेजी से बढ़ते हैं, जिससे कीटों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है. किसानों को समय रहते खरपतवार नियंत्रण करने और फसलों की नियमित निगरानी की सलाह दी गई है .

गन्ने की फसल को भी खतरा है. चीनी मिलों ने किसानों से जलभराव वाले खेतों से समय पर पानी निकालने की अपील की है, ताकि रेड रॉट और विल्ट जैसी बीमारियों का खतरा कम किया जा सके. खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से गन्ने की जड़ों तक हवा की आपूर्ति प्रभावित होती है, जिससे पौधे कमजोर पड़ सकते हैं .

लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, तेज बहाव वाले नालों और नदियों के आसपास न जाने तथा बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है. वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है . लोगों को मौसम खराब होने के दौरान जरूरी होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है .

Priya Verma
लेखक परिचय

Priya Verma

Weather News Writer

Priya Verma, Mausam Breaking की Hindi Editorial Team से जुड़ी हैं। वे विभिन्न राज्यों और शहरों के मौसम पूर्वानुमान, बारिश की संभावना, तापमान में बदलाव और स्थानीय मौसम परिस्थितियों से संबंधित खबरों को सरल हिंदी में प्रस्तुत करती हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य technical weather information को आम पाठक के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना है।