15 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गुजरात, विदर्भ और पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार झारखंड पर बना मौसम तंत्र कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया में बदल गया है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। मानसून ट्रफ भी उत्तर और मध्य भारत से होकर गुजर रही है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण मध्य, पूर्वी और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है।
मध्य भारत में कहां ज्यादा बारिश होगी?
15 अगस्त को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। विदर्भ में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं भी चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में भी कहीं-कहीं गरज और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
यूपी में आज भारी बारिश, 16-17 अगस्त को बढ़ सकता है जोर
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 15 अगस्त को कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है। इसके बाद 16 और 17 अगस्त को पूर्वी तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 18 अगस्त को दोनों हिस्सों में फिर भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
लगातार या कम समय में तेज बारिश होने वाले इलाकों में स्थानीय जलभराव और यातायात की परेशानी हो सकती है। नदी या बाढ़ संबंधी स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग की ताजा जानकारी देखना जरूरी होगा; केवल बारिश के पूर्वानुमान के आधार पर नदी के जलस्तर में निश्चित बढ़ोतरी मानना सही नहीं होगा।
दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली को लेकर दो अलग स्तर के पूर्वानुमान को समझना जरूरी है। IMD की क्षेत्रीय चेतावनी में हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली उपमंडल में 15 अगस्त को कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना दर्ज है। हालांकि दिल्ली के नवीनतम शहर-स्तरीय पूर्वानुमान में सामान्यतः बादल छाए रहने और सुबह से शाम के बीच बहुत हल्की से हल्की बारिश के कुछ दौर की संभावना बताई गई है।
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इसलिए दिल्ली के लिए इस समय अलग से “ऑरेंज अलर्ट” बताना उचित नहीं होगा। बारिश की स्थिति स्थानीय स्तर पर अलग हो सकती है, इसलिए दिन के दौरान जारी होने वाले nowcast पर नजर रखना बेहतर रहेगा।
ओडिशा में ऑरेंज अलर्ट खत्म, अब तीन जिलों में यलो चेतावनी
ओडिशा में शुक्रवार से शनिवार सुबह तक सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़ और संबलपुर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट 15 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक लागू था।
15 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 16 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक के नए forecast period में सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बरगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश के लिए यलो चेतावनी है। इन तीन जिलों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा चलने की संभावना भी है।
ओडिशा तट पर 15 अगस्त को समुद्री मौसम भी खराब रह सकता है। IMD ने तट और उससे लगे समुद्री क्षेत्र में तेज हवाओं तथा समुद्र के उग्र से बहुत उग्र रहने की संभावना के कारण मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश की चेतावनी
उत्तराखंड में 15 अगस्त को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 16 और 17 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को बारिश का जोर बढ़ सकता है।
पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित सड़कों, नदी-नालों और अचानक बढ़ने वाले जलप्रवाह वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी बरसेंगे बादल
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 15 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा और गरज-बिजली की स्थिति भी बन सकती है।
आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि तेलंगाना में भी तेज सतही हवाओं का अनुमान है।
आज सबसे अधिक सतर्कता छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के उन क्षेत्रों में जरूरी है जहां बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। गरज-बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी रखें और भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव या तेज बहाव वाली सड़कों को पार करने से बचें।









