Kal Ka Mausam 1 August 2026: अगस्त महीने की शुरुआत देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ हो सकती है। शनिवार, 1 अगस्त को उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का दौर भी देखने को मिल सकता है। पहाड़ी राज्यों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात बाधित होने का जोखिम बना रहेगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय चेतावनी पेज पर 1 अगस्त 2026 के लिए बारिश, गरज-चमक और अन्य मौसमी खतरों से संबंधित राज्यवार चेतावनियां प्रदर्शित की गई हैं। मौसम की वास्तविक तीव्रता जिले और स्थान के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है।
सक्रिय मानसून से कई हिस्सों में बदलेगा मौसम
देश में मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरणों के कारण बारिश का अनुकूल वातावरण बना हुआ है। मध्य असम और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण पूर्वोत्तर भारत में नमी पहुंचा सकता है। पश्चिमी तट के समानांतर बनी मौसमी ट्रफ के कारण गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के कुछ इलाकों में भी बारिश जारी रह सकती है।
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IMD के विस्तारित पूर्वानुमान में 23 जुलाई से 5 अगस्त की अवधि के दौरान देश के कई क्षेत्रों में मानसूनी बारिश बने रहने के संकेत दिए गए थे। हालांकि, एक दिन के सटीक जिला-स्तरीय पूर्वानुमान के लिए नवीनतम राज्य मौसम केंद्र और जिला चेतावनी देखना अधिक उचित है।
दिल्ली में कल मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में शनिवार को बादलों की आवाजाही के साथ बारिश की संभावना बनी रह सकती है। कुछ इलाकों में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि स्थानीय स्तर पर थोड़े समय के लिए तेज बौछारें पड़ने से सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।
बारिश के दौरान दृश्यता घटने और यातायात धीमा होने की आशंका रहेगी। यात्रियों को अंडरपास, निचले मार्गों और पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
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Raw Script में दिल्ली का न्यूनतम तापमान 33 डिग्री और अधिकतम 28 डिग्री बताया गया था, जो तकनीकी रूप से उल्टा है। सत्यापित शहर पूर्वानुमान उपलब्ध न होने के कारण यहां अनुमानित तापमान प्रकाशित नहीं किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में कल का मौसम
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, पीलीभीत, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, बरेली, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और आसपास के जिलों में बादल तथा बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
सभी जिलों में एक जैसी वर्षा नहीं होगी। कुछ इलाकों में केवल हल्की बारिश हो सकती है, जबकि सक्रिय बादल बनने पर सीमित क्षेत्र में भारी बौछारें पड़ सकती हैं। बिजली चमकने के दौरान किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए।
बिहार में कहां हो सकती है बारिश?
बिहार के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। पटना, गया, रोहतास, कैमूर, भोजपुर, औरंगाबाद, बक्सर, जमुई, बांका, भागलपुर, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।
नेपाल और उत्तर बिहार के जलग्रहण क्षेत्रों में तेज बारिश होने पर नदियों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है। बाढ़ प्रभावित या नदी किनारे बसे लोगों को स्थानीय प्रशासन की सूचना पर नजर रखनी चाहिए।
उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा
उत्तराखंड में 1 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, देहरादून और हरिद्वार के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पहाड़ी जिलों में बारिश के कारण भूस्खलन, पत्थर गिरने, सड़क बंद होने और नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा रहता है। चारधाम यात्रा या पर्वतीय मार्गों पर जाने वाले यात्रियों को प्रस्थान से पहले आधिकारिक मार्ग स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश का मौसम
हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में कम समय के भीतर तेज बारिश होने से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का जोखिम बढ़ सकता है।
नदियों, खड्डों और झरनों के पास जाने से बचना चाहिए। पर्यटकों को मौसम खराब होने पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा टालनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में बारिश के आसार
जम्मू संभाग और कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। कठुआ, जम्मू, रियासी, रामबन, पुंछ, राजौरी, सांबा, डोडा और किश्तवाड़ जैसे पहाड़ी जिलों में बारिश से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन सभी जिलों के लिए समान रूप से 60 किमी प्रति घंटे की आंधी का दावा उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के बिना करना उचित नहीं होगा।
पंजाब और हरियाणा में कल का मौसम
पंजाब और हरियाणा में शनिवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना और पटियाला तथा हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां संभव हैं।
किसानों को कीटनाशक या खाद का छिड़काव करने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखना चाहिए। बारिश और तेज हवा के दौरान खुले खेतों में पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
राजस्थान में कहां बदलेगा मौसम?
पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में मानसून अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रह सकता है। कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा, टोंक, जयपुर, उदयपुर, राजसमंद, सिरोही और पाली के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में बारिश का फैलाव सीमित रह सकता है, हालांकि जोधपुर, जालोर और बाड़मेर के कुछ इलाकों में बादल और स्थानीय बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश जारी रहने का अनुमान है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, धार, हरदा, खंडवा, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट और रीवा के कुछ स्थानों पर मध्यम या तेज बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश से ग्रामीण सड़कों, निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करनी चाहिए।
झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा का मौसम
झारखंड में रांची, बोकारो, गिरिडीह, जामताड़ा, साहिबगंज, खूंटी, गुमला, लातेहार, गढ़वा, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां और हजारीबाग के कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।
Raw Script में पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण को झारखंड के जिलों में शामिल किया गया था, जबकि दोनों बिहार में स्थित हैं। इस त्रुटि को सुधार दिया गया है।
पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। कोलकाता, हुगली, नादिया, मुर्शिदाबाद, मालदा, कूचबिहार और उत्तर 24 परगना के कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। ओडिशा में भी कई हिस्सों में मानसूनी बारिश जारी रह सकती है।
महाराष्ट्र और गुजरात में बारिश
गुजरात, कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। मुंबई और आसपास के इलाकों में बादल तथा रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण गुजरात के कुछ क्षेत्रों में भारी बौछारें पड़ सकती हैं। तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब होने पर मछुआरों को बंदरगाह और स्थानीय मौसम केंद्र की चेतावनी का पालन करना चाहिए। IMD के समुद्री पूर्वानुमान पेज पर पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात से जुड़े तटीय क्षेत्रों के लिए मछुआरा चेतावनियां उपलब्ध कराई जाती हैं।
असम और पूर्वोत्तर में बाढ़ का जोखिम
असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पहले से जलभराव या बाढ़ का सामना कर रहे इलाकों में नई बारिश से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और नदियों के पास कटाव का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को नदी किनारे, कमजोर पुलों और तेज बहाव वाले जलमार्गों से दूर रहना चाहिए।
क्या 19 राज्यों में भारी बारिश होगी?
उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अनेक राज्यों में बारिश की संभावना जरूर है, लेकिन पूरे राज्य में भारी बारिश होने का अर्थ नहीं है। मौसम विभाग की चेतावनी सामान्यतः कुछ स्थानों या अलग-अलग इलाकों के लिए होती है।
इसलिए “19 राज्यों में हर जगह भारी बारिश” के बजाय यह कहना अधिक सटीक होगा कि इन राज्यों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी रह सकती है। नवीनतम जिला चेतावनी दिन में कई बार बदल सकती है।
किसानों और आम लोगों के लिए सावधानी
किसान बिजली चमकने और तेज हवा के दौरान खेतों में काम रोक दें। खुले स्थानों, पेड़ों, ट्यूबवेल और धातु के उपकरणों से दूरी रखें। तैयार फसल और पशु चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव वाली सड़क पर वाहन न उतारें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन संभावित मार्गों तथा नदी-नालों से दूर रहें। मछुआरे समुद्र में जाने से पहले आधिकारिक तटीय चेतावनी की जांच जरूर करें।









