Kal ka Mausam 17 July 2026 : देश के अलग-अलग हिस्सों में शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं रहेगा। बिहार, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जबकि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में छिटपुट बारिश के बीच उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार 17 जुलाई को बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
17 जुलाई के मौसम की मुख्य बातें
- बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है।
- पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहेगी।
- दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में छिटपुट बारिश का अनुमान।
- उत्तराखंड और अन्य हिमालयी इलाकों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश संभव।
- मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश, लेकिन सभी क्षेत्रों में समान गतिविधि नहीं।
- दिल्ली-एनसीआर में उमस और अपेक्षाकृत अधिक तापमान बने रहने की आशंका।
दिल्ली में कल मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में 17 जुलाई को बादलों की आवाजाही के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि राजधानी के लिए व्यापक भारी बारिश या 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी का स्पष्ट अखिल भारतीय IMD पूर्वानुमान उपलब्ध नहीं है।
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए उपलब्ध उपमंडल स्तर के पूर्वानुमान में 17 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी नहीं दिखाई गई है। इसलिए दिल्ली में दिनभर मूसलाधार बारिश का दावा करना सही नहीं होगा। उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
उत्तर प्रदेश में कल का मौसम
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 जुलाई को कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां स्थानीय स्तर पर हो सकती हैं।
IMD के उपमंडल स्तर के पूर्वानुमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 17 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हालांकि उपलब्ध राष्ट्रीय बुलेटिन में सभी जिलों की एक विस्तृत सूची नहीं दी गई है। इसलिए बिना क्षेत्रीय मौसम केंद्र की पुष्टि के किसी निश्चित जिले के लिए भारी बारिश घोषित नहीं की जानी चाहिए।
बिहार में भारी बारिश की संभावना
बिहार में 17 जुलाई से बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ सकती है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। बिजली गिरने और जलभराव के खतरे को देखते हुए लोगों को स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
झारखंड में कल कैसा रहेगा मौसम?
झारखंड में 17 जुलाई को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं का स्थानीय खतरा बना रह सकता है।
हालांकि 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी हवा पूरे झारखंड में चलने का दावा उपलब्ध राष्ट्रीय IMD बुलेटिन से पुष्ट नहीं होता। हवा की रफ्तार और जिलावार चेतावनी के लिए स्थानीय मौसम केंद्र का ताजा नाउकास्ट देखना जरूरी होगा।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम का मौसम
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 जुलाई को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर जलभराव, भूस्खलन तथा छोटी नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा हो सकता है। यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।
असम, मेघालय और पूर्वोत्तर भारत
असम और मेघालय में 17 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में भी कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में वर्षा के साथ गरज-चमक की गतिविधियां संभव हैं।
बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन, सड़क अवरोध और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा हो सकता है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 17 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
पहाड़ी राज्यों में छोटी अवधि की तेज बारिश भी भूस्खलन, पत्थर गिरने और बरसाती नालों में अचानक पानी बढ़ने का कारण बन सकती है। लोगों को नदी-नालों और असुरक्षित ढलानों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के सभी बताए गए जिलों में भारी बारिश और 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी का दावा नवीनतम उपलब्ध अखिल भारतीय पूर्वानुमान में स्पष्ट रूप से नहीं दिया गया है।
पंजाब और हरियाणा में कल का मौसम
पंजाब और हरियाणा में 17 जुलाई को कहीं-कहीं हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। अधिकांश स्थानों पर मौसम गर्म और उमस भरा बना रह सकता है।
उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार इन क्षेत्रों में बारिश का फैलाव 20 और 21 जुलाई के आसपास बढ़ सकता है। 17 जुलाई को पूरे पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश या 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी का दावा आधिकारिक राष्ट्रीय बुलेटिन से पुष्ट नहीं है।
राजस्थान में बारिश होगी या नहीं?
पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 17 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है।
जयपुर, भरतपुर, दौसा, करौली और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय बादल बनने पर बारिश संभव है, लेकिन जिलावार चेतावनी को संबंधित मौसम केंद्र के ताजा बुलेटिन से जांचना चाहिए।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम
पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 17 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का वितरण अपेक्षाकृत सीमित रह सकता है।
छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए उपलब्ध चेतावनी में 17 जुलाई को भारी बारिश का संकेत है।
क्या 12 राज्यों में एक साथ तूफानी बारिश होगी?
उपलब्ध आधिकारिक पूर्वानुमान यह नहीं बताता कि 17 जुलाई को ठीक 12 राज्यों में एक समान भारी बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी चलेगी।
अलग-अलग राज्यों में खतरे का प्रकार अलग है। कहीं भारी बारिश की संभावना है, कहीं केवल छिटपुट वर्षा और कहीं गरज-चमक हो सकती है। हवा की गति भी प्रत्येक क्षेत्र में अलग हो सकती है। इसलिए पूरे देश के लिए एक ही हवा की रफ्तार बताना भ्रामक होगा।
क्या ओले गिरने की संभावना है?
उपलब्ध राष्ट्रीय बुलेटिन में 17 जुलाई के लिए इन सभी राज्यों में बड़े ओले गिरने की व्यापक चेतावनी नहीं दी गई है। ओलावृष्टि आमतौर पर स्थानीय और कम अवधि की घटना होती है। इसका सटीक आकलन राज्य या जिला स्तर के ताजा नाउकास्ट से किया जाना चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में किसान खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें। खुले में रखी उपज और पशु चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें।
गरज-चमक के दौरान खुले खेत में काम करने से बचें। कीटनाशक या खाद का छिड़काव करने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान जरूर देखें। तेज हवा की चेतावनी मिलने पर कमजोर पौधों और बागवानी फसलों को सहारा दें।
पहाड़ी इलाकों में विशेष सावधानी
लगातार या तेज बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने का जोखिम बढ़ सकता है। नदी, नाले और झरनों के पास अनावश्यक रूप से न रुकें।
चारधाम, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से पहले सड़क और मौसम की ताजा स्थिति जांचें। किसी भी सड़क या यात्रा प्रतिबंध को केवल प्रशासनिक पुष्टि के बाद ही मानें।
बिजली गिरने से कैसे बचें?
बिजली चमकते समय खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और जलाशयों से दूरी बनाए रखें। सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें।
बाइक, ट्रैक्टर या खुले वाहन पर यात्रा रोक दें। बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में मोबाइल मौसम चेतावनी और दामिनी ऐप के अपडेट उपयोगी हो सकते हैं।

