जयपुर: राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के बाद अब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में व्यापक या भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा नया मौसम तंत्र अनुकूल दिशा में आगे बढ़ता है तो 19 और 20 जुलाई के आसपास राजस्थान में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है।
राज्य में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर होने के पीछे मानसून ट्रफ की स्थिति को मुख्य कारण माना जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी द्रोणी इस समय सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसकी हुई है, जिससे राजस्थान में नमी की आपूर्ति कम हो गई है। यही वजह है कि अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही तो बनी रहेगी, लेकिन व्यापक वर्षा के अनुकूल परिस्थितियां फिलहाल नहीं बन रही हैं।
राजस्थान में कल का मौसम
मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से बदला मौसम
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार समुद्र तल पर बनी मानसूनी द्रोणी इस समय जम्मू, बरेली, बस्ती, डाल्टनगंज होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र से होकर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। दूसरी ओर जम्मू संभाग के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है।
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हालांकि हरियाणा और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, लेकिन फिलहाल इन मौसम प्रणालियों का राजस्थान में वर्षा की गतिविधियों पर विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून ट्रफ के दोबारा दक्षिण की ओर आने के बाद ही प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।
अगले चार से पांच दिन अधिकांश जिलों में मौसम रहेगा शुष्क
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा। कहीं-कहीं बादलों की आवाजाही जरूर रहेगी, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना नहीं है। इसी कारण विभाग ने 17 जुलाई के लिए पूरे राजस्थान में ग्रीन अलर्ट जारी किया है। फिलहाल किसी भी जिले के लिए भारी बारिश या अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर विकसित होने वाले बादलों के कारण पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में दोपहर बाद हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। इससे कुछ समय के लिए तापमान में मामूली राहत मिल सकती है, लेकिन उमस पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है।
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इन संभागों में हल्की बारिश के आसार
पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग में मौसम अपेक्षाकृत सक्रिय रह सकता है। यहां कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।
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अलवर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, धौलपुर, टोंक, अजमेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, शाहपुरा, नागौर और चूरू सहित कई जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। हालांकि यह गतिविधियां स्थानीय स्तर तक सीमित रहने की संभावना है और पूरे जिले में समान रूप से बारिश होने की उम्मीद नहीं है।
पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवाएं बढ़ाएंगी परेशानी
मानसून की कमजोरी का सबसे अधिक असर पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिलेगा। जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी सहित मरुस्थलीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इन इलाकों में तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चल सकती हैं, जबकि कई स्थानों पर धूलभरी आंधियां भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी जिलों में बारिश की संभावना बेहद कम है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन इससे मौसम में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद नहीं है।
दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का रहेगा असर
17 और 18 जुलाई के दौरान प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा। इन हवाओं के कारण वातावरण में नमी बनी रहेगी और अधिकांश जिलों में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। पूर्वी राजस्थान में दोपहर बाद स्थानीय स्तर पर बादल विकसित हो सकते हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में हल्की खंड वर्षा दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल यह गतिविधियां मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने का संकेत नहीं हैं। व्यापक वर्षा के लिए अभी भी बड़े मौसम तंत्र की आवश्यकता है।
19 और 20 जुलाई के बाद बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग ने 19 और 20 जुलाई के आसपास मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे नए निम्न दबाव क्षेत्र की गतिविधियों पर मौसम वैज्ञानिक लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि यह सिस्टम अपेक्षित दिशा में आगे बढ़ता है और पर्याप्त नमी राजस्थान तक पहुंचती है तो अगले सप्ताह से मानसून की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे पहले दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने की संभावना है। उदयपुर संभाग में वर्षा की तीव्रता अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक रह सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य जिलों में भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है।
चूरू सबसे गर्म, तापमान अभी भी ऊंचा
राजस्थान में बारिश कमजोर पड़ने का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान चूरू में 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक गर्म मौसम का संकेत है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
राज्य में औसत सापेक्ष आर्द्रता 30 से 60 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई है। यही कारण है कि जहां बारिश नहीं हो रही, वहां लोगों को तेज गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय धूप निकलने पर गर्मी अधिक महसूस हो सकती है, जबकि शाम के समय बादल छाने से वातावरण में नमी बढ़ सकती है।
गर्मी और उमस से अभी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बना रहेगा। जिन जिलों में हल्की बारिश होगी, वहां कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, लेकिन पूरे प्रदेश में व्यापक राहत मिलने की संभावना फिलहाल नहीं है।
विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में दोपहर के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए क्या संकेत हैं?
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं हो रही है, वहां खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय करना जरूरी होगा। वहीं जिन इलाकों में 19 या 20 जुलाई के बाद बारिश की संभावना है, वहां किसान आगामी वर्षा को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बना सकते हैं।
अगले सप्ताह बढ़ सकती है मानसून की सक्रियता
फिलहाल राजस्थान में मानसून का कमजोर चरण जारी है, लेकिन मौसम विभाग को उम्मीद है कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी। यदि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम तंत्र अपेक्षित रूप से मजबूत होता है और मानसून ट्रफ फिर दक्षिण की ओर लौटती है तो अगले सप्ताह राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है। तब तक अधिकांश जिलों में लोगों को गर्मी, उमस और सीमित बारिश वाले मौसम के साथ ही रहना होगा। मौसम विभाग ने लोगों से नियमित मौसम अपडेट पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।









