चंडीगढ़: हरियाणा में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी ही रहेंगी। हालांकि राहत की बात यह है कि 20 जुलाई के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत हैं, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर फिर से लौट सकता है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 17 जिलों में उमस और गर्मी को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बढ़ती नमी और पश्चिमी हवाओं के कारण दिन में तेज धूप के साथ चिपचिपी गर्मी महसूस होगी, जबकि कुछ स्थानों पर बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी बनी रहेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने की वजह से बनी है और इसके दोबारा दक्षिण की ओर आने के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
हरियाणा में मानसून क्यों पड़ा धीमा?
HAU के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, इस समय मानसून ट्रफ की उत्तरी सीमा जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। ट्रफ का हिमालय की तलहटी की ओर खिसकना हरियाणा में मानसून की सक्रियता कम होने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, जब मानसून ट्रफ उत्तर की ओर चली जाती है तो हरियाणा सहित उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा की गतिविधियां कमजोर पड़ जाती हैं। फिलहाल यही स्थिति बनी हुई है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 20 जुलाई के बाद ट्रफ दोबारा दक्षिण की ओर लौटेगी, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
इन 17 जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के जिन जिलों में उमस और गर्मी को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है, उनमें शामिल हैं—
- सिरसा
- फतेहाबाद
- हिसार
- जींद
- भिवानी
- चरखी दादरी
- रोहतक
- सोनीपत
- पानीपत
- महेंद्रगढ़
- रेवाड़ी
- झज्जर
- गुरुग्राम
- फरीदाबाद
- पलवल
- नूंह
इन जिलों में दिन के समय अधिक गर्मी और अधिक नमी के कारण हीट इंडेक्स सामान्य तापमान से अधिक महसूस हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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20 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक हरियाणा में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि वातावरण में नमी अधिक रहने से कई क्षेत्रों में आंशिक बादल छा सकते हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इससे तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है।
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पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। ऐसे में लोगों को उमस और गर्मी दोनों का सामना करना पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 20 जुलाई के बाद मानसून दोबारा सक्रिय होने पर कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
दिन का तापमान सामान्य से ऊपर
मानसून में आए इस ब्रेक का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य में अधिकतम तापमान में औसतन 0.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह सामान्य से करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान भिवानी में 42.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा—
- रोहतक : 40.0°C
- हिसार : 39.4°C
- सिरसा : 39.0°C
- गुरुग्राम : 39.0°C
- अंबाला : 37.7°C
- करनाल : 36.4°C
मैदानी इलाकों में तेज धूप और हवा में अधिक नमी के कारण लोगों को दिनभर उमस भरी गर्मी महसूस हुई।
रात में भी बढ़ी गर्मी, गुरुग्राम सबसे ठंडा
रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य का औसत न्यूनतम तापमान पिछले दिन की तुलना में करीब 1 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है, हालांकि अधिकांश स्थानों पर यह सामान्य के आसपास बना हुआ है।
अंबाला में न्यूनतम तापमान 29.9°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक रहा। करनाल में 29.2°C तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक है। रोहतक में रात का तापमान 29.8°C रिकॉर्ड किया गया।
वहीं गुरुग्राम राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 25.5°C दर्ज किया गया। यह सामान्य से लगभग 1.1 डिग्री कम रहा।
किसानों के लिए क्या है सलाह?
कृषि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में फिलहाल बारिश की संभावना कम है, वहां किसान सिंचाई और खेतों में नमी बनाए रखने पर ध्यान दें। दूसरी ओर जिन इलाकों में 20 जुलाई के बाद अच्छी बारिश की संभावना है, वहां जल निकासी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करना फायदेमंद रहेगा।
अगले सप्ताह बदल सकता है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि हरियाणा में मौजूदा मौसम की स्थिति अस्थायी है। यदि मानसून ट्रफ अनुमान के अनुसार दक्षिण की ओर लौटती है तो अगले सप्ताह से राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों से नियमित मौसम अपडेट पर नजर रखने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है।
Q1. हरियाणा में बारिश कब शुरू होगी?
उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार 20 जुलाई के बाद राज्य में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और कई जिलों में बारिश की संभावना है।
Q2. किन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर: सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह सहित कई जिलों में उमस और गर्मी का यलो अलर्ट जारी है।
Q3. मानसून कमजोर क्यों पड़ा?
उत्तर: मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने से हरियाणा में बारिश की गतिविधियां कम हो गई हैं।
Q4. सबसे अधिक तापमान कहां दर्ज हुआ?
उत्तर: भिवानी में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
Q5. क्या अगले सप्ताह मौसम बदलेगा?
उत्तर: यदि मानसून ट्रफ दक्षिण की ओर लौटती है तो अगले सप्ताह हरियाणा में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।









